Thursday, 19 August 2010

गढ़वाल की तीन कठिन और मुख्य जरूरतें ...घास, लकड़ी, पानी...

और ये हैं
सरकार के द्वारा बनाये हुए पानी के हैण्ड पम्प
हर सड़क पर १००- २०० मीटर की दूरी पर बनाये गए हैं ...
जो की खुसी की बात है .....

ये इक प्यारा सा प्राकृतिक जल श्रोत ....
अक्सर ये नज़ारे गढ़वाल के हर गाँव के बाहर देखने को मिलते हैं ....
दिल खुस हो जाता है ...ये सब देख कर ..

यहाँ पर इक गढ़वाली दुल्हन कुएं से पानी भरती हुई

यहाँ पर एक प्राकृतिक जल श्रोत ....एंट और गारे से सुविधाजनक बनाया गया है पर पानी बहुत कम है....
और सबसे खास और अहम् जरूरत है पानी ....
गढ़वाल में पानी की समस्या बहुत ही विकत है कोसों दूर जाना पड़ता है पानी के लिए....
घंटों इन्तजार करना पड़ता है कहीं मूल से पानी इतना कम निकलता है की क्या बताएं
अभी सड़क से जुड़े हुए गाँव में हैण्ड पम्प लगवाने से काफी राहत मिलिहै किन्तु जहाँ से सड़क ही कोसों दूर है वहां की समस्या कैसे हल हो

और घरों में तब गैस भी नहीं हुआ करती थी बल्कि गढ़वाल के गाँव में आज भी लगभग ८०% घरों में चूल्हा ही जलता है और जंगल से लकड़ियाँ चाहे सूखी हो या कच्ची लकड़ियाँ लानी पड़ती हैं रविबार को स्कूल की छुट्टी होने के कारन घर का हर लड़का लड़की जंगल से लकड़ियाँ लाते हैं और सर्दियों के समय तो कभी कभी पूरा परिवार जाता है ताकि काफी दिनों के लिए एक साथ ला सकें और जरूरत के हिसाब से कभी कभी तो घास और लकड़ी दोनों लानी पड़ती हैं




यहाँ पर घास लाती कुछ महिलाएं/पुरुष मीलों दूर से पीठ में लाद के जानवरों के लिए घास लाना पड़ता है और ये कभी कभी नहीं हर रोज दिन की मुख्य दिनचर्या है ...जरूरत के हिसाब से परिवार में हर कोई लता है मैंने भी बचपन में बहुत घास कटा है ......

11 comments:

  1. its complete in itself...

    yours blog is very good...
    keep it up

    come to my blog
    http://mydunali.blogspot.com/

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  2. जीवन की सच्चाई को उजागर करता ब्लॉग |.बहुत अच्छे|

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  3. गाँव की खुशबू से महकती सी लगी आपकी पोस्ट..
    तसवीरें बहुत सुन्दर लगीं..
    धन्यवाद...

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  4. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

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  5. गढ़वाल को थोडा और करीब से जाना

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  6. ब्‍लागजगत पर आपका स्‍वागत है ।

    किसी भी तरह की तकनीकिक जानकारी के लिये अंतरजाल ब्‍लाग के स्‍वामी अंकुर जी,
    हिन्‍दी टेक ब्‍लाग के मालिक नवीन जी और ई गुरू राजीव जी से संपर्क करें ।

    ब्‍लाग जगत पर संस्‍कृत की कक्ष्‍या चल रही है ।

    आप भी सादर आमंत्रित हैं,
    http://sanskrit-jeevan.blogspot.com/ पर आकर हमारा मार्गदर्शन करें व अपने
    सुझाव दें, और अगर हमारा प्रयास पसंद आये तो हमारे फालोअर बनकर संस्‍कृत के
    प्रसार में अपना योगदान दें ।
    धन्‍यवाद

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  7. ये समस्याएं भी कभी न कभी दूर होंगी
    आप लोगों को जागरूक कीजिये कि इनके लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास हो

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  8. ब्लाग जगत में आपका स्वागत है।
    आशा है कि आप अपने लेखन से ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।



    आपके ब्लाग की स्वागत चर्चा पर जाने के लिए यहां क्लिक करें।

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  9. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई

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  10. बहुत ही सुन्दर चित्र और वर्णन |धीरे धीरे समस्याए कम होगी और पहाड़ी जीवन कुछ आसान होगा |

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