सरकार के द्वारा बनाये हुए पानी के हैण्ड पम्प
हर सड़क पर १००- २०० मीटर की दूरी पर बनाये गए हैं ...
ये इक प्यारा सा प्राकृतिक जल श्रोत ....

यहाँ पर एक प्राकृतिक जल श्रोत ....एंट और गारे से सुविधाजनक बनाया गया है पर पानी बहुत कम है....
जो की खुसी की बात है .....

ये इक प्यारा सा प्राकृतिक जल श्रोत ....
अक्सर ये नज़ारे गढ़वाल के हर गाँव के बाहर देखने को मिलते हैं ....
दिल खुस हो जाता है ...ये सब देख कर ..

यहाँ पर इक गढ़वाली दुल्हन कुएं से पानी भरती हुई

यहाँ पर एक प्राकृतिक जल श्रोत ....एंट और गारे से सुविधाजनक बनाया गया है पर पानी बहुत कम है....
और सबसे खास और अहम् जरूरत है पानी ....
गढ़वाल में पानी की समस्या बहुत ही विकत है कोसों दूर जाना पड़ता है पानी के लिए....
घंटों इन्तजार करना पड़ता है कहीं मूल से पानी इतना कम निकलता है की क्या बताएं
अभी सड़क से जुड़े हुए गाँव में हैण्ड पम्प लगवाने से काफी राहत मिलिहै किन्तु जहाँ से सड़क ही कोसों दूर है वहां की समस्या कैसे हल हो

और घरों में तब गैस भी नहीं हुआ करती थी बल्कि गढ़वाल के गाँव में आज भी लगभग ८०% घरों में चूल्हा ही जलता है और जंगल से लकड़ियाँ चाहे सूखी हो या कच्ची लकड़ियाँ लानी पड़ती हैं रविबार को स्कूल की छुट्टी होने के कारन घर का हर लड़का लड़की जंगल से लकड़ियाँ लाते हैं और सर्दियों के समय तो कभी कभी पूरा परिवार जाता है ताकि काफी दिनों के लिए एक साथ ला सकें और जरूरत के हिसाब से कभी कभी तो घास और लकड़ी दोनों लानी पड़ती हैं
its complete in itself...
ReplyDeleteyours blog is very good...
keep it up
come to my blog
http://mydunali.blogspot.com/
जीवन की सच्चाई को उजागर करता ब्लॉग |.बहुत अच्छे|
ReplyDeleteगाँव की खुशबू से महकती सी लगी आपकी पोस्ट..
ReplyDeleteतसवीरें बहुत सुन्दर लगीं..
धन्यवाद...
हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
ReplyDeleteकृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें
गढ़वाल को थोडा और करीब से जाना
ReplyDeletenice post...!!
ReplyDeleteये समस्याएं भी कभी न कभी दूर होंगी
ReplyDeleteआप लोगों को जागरूक कीजिये कि इनके लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास हो
हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
ReplyDeleteबहुत ही सुन्दर चित्र और वर्णन |धीरे धीरे समस्याए कम होगी और पहाड़ी जीवन कुछ आसान होगा |
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